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मरता गर्भ

                            मरता गर्भ            सोनल-आज बहुत अच्छा लग रहा है न ! एक अजीब-सी खुशी महसूस हो रही है। काश! हम ये बच्चा पहले ही प्लान किए होते। साहिल (अपनी टाई ठिक करते हुए) -क्या बात कर रही हो? हमने कितने मजे किए हैं। सोनल- तुम नही समझ सकते एक माँ बनना क्या होता है? ओह! हो! मेरी जान क्या तुम समझ सकती हो एक बाप बनना क्या होता है? साहिल कि माँ (इंद्रावती शर्मा)-तुम दोनों समझ सकते हो एक दादी बनना क्या होता है? मैं तो कब से कह रही हूँ कि एक मुन्ना कर लो। पहले के ज़माने में तो भगवान से झोली भरने कि दुआंए कि जाती थी, अब के जमाने मे तो बच्चों का दिमाग ठिकाने आ जाए इसकी दुआंए करनी पड़ती हैं। चलो! जो हुआ सो हुआ अब अपना ख्याल रखों। अब तुम अकेली नहीं हो, तुम्हारे अंदर कोई है। हमारे खानदान की शान। जो हमारी पीढ़ी को आगे बढ़ाएगा। सोनल साहिल को मुंह चढ़ाते हुए इशारे करती है। साहिल-माँ तुम रहने भी दो तुम बात को कहां से कहां ले जाती हो। इंद्रावती -हां भाई हां तुम दोनों ही सही, अब तुम दोनों ...

No Definition of love

                        प्यार कि कोई परिभाषा नही            एक राजा रहता है|वह अपने मंत्री से पुछता है कि प्यार का मतलब क्या होता है? मंत्री-जिसके लिए आप कुछ भी कर जाए, फिर भी वह कम लगे,वही प्यार है|राजा-क्या रानी मुझसे इतना ही प्यार करती है? मंत्री-ये आप मुझसे बेहतर जानते है महाराज! राजा के मन मे विचार आता है क्यों न प्यार कि परीक्षा ली जाए और वह मंत्री से सलाह-मशवरा करता है|मंत्री कहता क्यों न महारानी को गुलर का फूल लाने को कहा जाए? अगर वह यह काम बिना किसी कि सहायता के कर लेतीं है तो वह आपसे  बेहद प्यार करती हैं|राजा को ये बात ज़च जाती है|           रानी को दरबार में बुलाया जाता है|राजा रानी से -आप हमसे कितना प्यार करती हैं? रानी-जितना संसार मे किसी ने किसी को नहीं किया है| राजा-हर प्रेमिका यही बात कहती है, मै चाहता हुँ आप प्यार कि परीक्षा दिजिए|रानी तैयार हो जाती है-हाँ, क्यों नहीं मैं हर तरह कि परीक्षा देने को तैयार हूँ|राजा गूलर का फूल लाने को लिए रानी को ...

मैं और मेरा प्यारा रिश्ता

             आज मैं बहुत खुश हूँ|मेरे सपनों भरी ज़िन्दगी जिसका मैं कभी सपना भी नहीं देखती थी|वह यथार्थ में मैं जी रही हूँ,इसलिए मैं बहुत खुश हूँ|एक प्यारा-सा पति जो मुझे बहुत प्यार करते हैं|कभी-कभी मुझे लगता है वो मुझे प्यार करता है या वो मुझे मूक्म्मल करता है|मेरी कमियों को दूर करना और मेरी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए हर वह कोशिश करता है जो वह कर सकता हैं|और मैं जब खुद से ही डरती, पीछे हट जाती हूँ,तब वह मेरा हाथ थामकर आगे बढ़ने कि प्रेरणा देता है|वह कहता है लड़ते तो सब जितने के लिए है,अगर तुम्हें लगता है कि तुम लडो़गी तो तुम हार जाओगी,तो मुझे वह हार पसंद है पर तुम्हारी कायरता नही|           मुझे बेचैन करती है उसकी हर एक बात |          उसके होने से ही दिल को सूकुन मिलता है ||