Loving Husband
खोए-खोए से सपने को
अब वह पूरा करने लगा है
टूटती-बिखरती मैं
अब वह मुझे
समेटना लगा है।
वक्त बदला है
बदल गया जीने का अंदाज़
जो कभी सपनो मे सोचती थी
अब वह करने लगी हूँ
यर्थाथ मे।
अब डर नही किसी का
न कोई बंधन है
वह देता है मेरे सपनो को पंख
अब मैं उड़ने लगी हूँ
मेरे अंदर का घमंड
जो उसने दिया है मुझे ।
वह कहता है समाज से
आ, अगर है हिम्मत तो
रोक ले मुझे।
कभी-कभी सोचती हूँ मैं
है क्या सच मे इतना हसिन
ये जिंदगी मेरी
या कोई सपना है।
सपनो जैसा लगता वह
लेकिन ये है सच
खोए-खोए आँखों से
जब दूर खड़ी मैं सोचती हूँ।
याद आता है वो माँ कि बाते
सपनो – सा सुंदर
होगा वह राजकुमार जैसा
झुका देना सिर
उसके कदमों मे।
होगा वो भगवान जैसा।
कितनी खोखली लगती थी
वो बाते
आज जीवन का सच
कुछ और है।
उसने दिया सम्मान मुझे
खुद को समझने का ज्ञान मुझे
कभी न झुकाती सर अपना
उस राजकुमार के सामने।
लेकिन आज उसकी
हर बाते प्यारी – प्यारी सी लगती है
कितना खाली – खाली थी मैं
उसने मुझे पूरा किया।
सिखाया जीने का अलग अंदाज
मैं नहीं तुम भी हो
और तुम ही हो खुद के लिए
दिया ग़ुरूर उसने मुझे।
आज चमकती है मेरी आँखें
खुद मे इतना सबल बनाया
उसने मुझे।
कोई संस्कार नही है
न कोई मर्यादा कि बात
उसने किया इतना कुछ
उसके सम्मान मे
सर झुकता है मेरा।
अब वह पूरा करने लगा है
टूटती-बिखरती मैं
अब वह मुझे
समेटना लगा है।
वक्त बदला है
बदल गया जीने का अंदाज़
जो कभी सपनो मे सोचती थी
अब वह करने लगी हूँ
यर्थाथ मे।
अब डर नही किसी का
न कोई बंधन है
वह देता है मेरे सपनो को पंख
अब मैं उड़ने लगी हूँ
मेरे अंदर का घमंड
जो उसने दिया है मुझे ।
वह कहता है समाज से
आ, अगर है हिम्मत तो
रोक ले मुझे।
कभी-कभी सोचती हूँ मैं
है क्या सच मे इतना हसिन
ये जिंदगी मेरी
या कोई सपना है।
सपनो जैसा लगता वह
लेकिन ये है सच
खोए-खोए आँखों से
जब दूर खड़ी मैं सोचती हूँ।
याद आता है वो माँ कि बाते
सपनो – सा सुंदर
होगा वह राजकुमार जैसा
झुका देना सिर
उसके कदमों मे।
होगा वो भगवान जैसा।
कितनी खोखली लगती थी
वो बाते
आज जीवन का सच
कुछ और है।
उसने दिया सम्मान मुझे
खुद को समझने का ज्ञान मुझे
कभी न झुकाती सर अपना
उस राजकुमार के सामने।
लेकिन आज उसकी
हर बाते प्यारी – प्यारी सी लगती है
कितना खाली – खाली थी मैं
उसने मुझे पूरा किया।
सिखाया जीने का अलग अंदाज
मैं नहीं तुम भी हो
और तुम ही हो खुद के लिए
दिया ग़ुरूर उसने मुझे।
आज चमकती है मेरी आँखें
खुद मे इतना सबल बनाया
उसने मुझे।
कोई संस्कार नही है
न कोई मर्यादा कि बात
उसने किया इतना कुछ
उसके सम्मान मे
सर झुकता है मेरा।
दिल की बातों को शब्दों बया करना आसान नहीं, है वे किस्मत का धनी, जो इतनी प्यारी जीवन साथी का साथ मिला, ऐसा लगता है जैसे दोनों ने एकदूसरे से मिलने के लिए ही इस धरती पर अवतार लिया है, दोनों ही एकदूसरे का गुरूर हैं, ये गुरूर सदा बना रहे।
ReplyDeleteधन्यवाद
ReplyDeleteसपनों का राजकुमार पाना हर कोई का सपना होता है, आपने ऐसा राजकुमार पाया है जो आपकों मुक्मल बनाता है, यही तो ईश्वर का वरदान है। आप दोनों सदा खुश रहें, ढ़ेर सारी कविताएं और कहानियां इसी तरह लिखतीं रहें। जिससे हम पाठक सदा आपकी कविता और कहानी पढ़ कर खुश रहें।
ReplyDeleteधन्यवाद
ReplyDeleteU r Lucky guy ... :-)
ReplyDeletebeautiful poem ....
And I hope both of u always be happy ..