पैसे का महत्त्व

                       बेटा:पापा, आप ऑफिस जाते हो तो आपको पैसे मिलते हैं।लेकिन मुझे क्यों नहीं मिलते? उल्टा मुझसे पैसे क्यों लिए जाते हैं? मैं भी तो स्कूल जाता हूँ, होमवर्क करता हूँ, पढ़ाई करता हूँ।आप अपना समय देकर पैसे कमाते हो और मैं अपना समय देकर पैसे खर्च करता हूँ। पापा… मैं कब पैसे कमाऊँगा?

                     पिता:बेटा, सही मायने में देखा जाए तो तुम कमा रहे हो और मैं खर्च कर रहा हूँ। मैंने अपनी ज़िंदगी में जो कमाया है,आज उसी कमाई का एक हिस्सा खर्च करके तुम्हारे भविष्य में लगा रहा हूँ। तुम अभी ज़िंदगी के उस दौर में हो,जहाँ तुम्हारा सबसे बड़ा काम सीखना और अपने ज्ञान को बढ़ाना है। एक वक्त आएगा जब तुम अपनी इसी पढ़ाई और ज्ञान को इस्तेमाल करके पैसे कमाओगे। इसलिए ऐसा ज्ञान हासिल करो कि एक दिन तुम्हारे ज्ञान की इतनी कीमत हो कि कम से कम समय में तुम ज़्यादा से ज़्यादा कमा सको। तो अब समझ में आई बात? सही मायने में तुम कमाते हो और मैं खर्च करता हूँ।

                        इसलिए आज के बाद कभी ये मत सोचना कि “मुझ पर पैसे खर्च हो रहे हैं।”

                समझो कि तुम्हारे ऊपर खर्च किया गया हर पैसा तुम्हारे भविष्य में किया गया निवेश है।

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