हर-हर मोदी घर-घर मोदी
हर-हर मोदी घर-घर मोदी
हर-हर मोदी घर-घर मोदी का नारा लेकर
आया सामने वह फरिश्ता बनकर
दिखाए सपने प्यारे-प्यारे
मन में जगाए ज्ज़बात और उमंग
पंद्रह लाख हर खाते मे आएगा
मिलेगा हर साल रोज़गार युवाओ को
हम खुशी से झूम रहे थे
नाच रहे थे गा रहे थे
हर-हर मोदी घर-घर मोदी
हर खाते का पैसा गूल
हर खाते का पैसा गूल
ले गया नीरव मोदी
हम करते रह गए
हर-हर मोदी घर-घर मोदी
वह सीना ताने कहता था
हमें प्रधानमंत्री नहीं चौकिदार बनाइए
हम पाकिस्तान का एक नहीं दस सर काटेंगे
56 इंच का सीना दिखाता
क्या उलटफेर खूब दिखाया
पाक मे जा के केक खाया
हम कहते रह गए
हर-हर मोदी घर-घर मोदी
वो बोलता रहा अर्थशास्त्र का किसी को ज्ञान नहीं
GST हमारे किसी काम नहीं
आधार कार्ड का कहीं नाम नहीं
बनते ही प्रधानमंत्री GST गुरु बन गया
आधार को हर खाते से जोड़ना
अनिवार्य बन गया
कहता था हर पैसे का हिसाब दूँगा
राफेल का हिसाब गूल हो गया
अब देश का हर बच्चा बोले
नहीं चाहिए हर-हर मोदी घर-घर मोदी
आया गरीबों का मसीहा बनके
चाय वाला बनेगा प्रधानमंत्री तो
हर गरीब कि तकदीर बदलेगी
हां ऐसी तकदीर बदली कि
MBA और Ph.D वाले को भी
चाय वाला और पकौड़े वाला बना दिया
अब टूट रहा है भ्रम हमारा
छूट रहे हाथों से सपने
आँखे खुली है दिल मे गुस्सा
नहीं चाहिए हर-हर मोदी घर-घर मोदी
हर-हर मोदी घर-घर मोदी का नारा लेकर
आया सामने वह फरिश्ता बनकर
दिखाए सपने प्यारे-प्यारे
मन में जगाए ज्ज़बात और उमंग
पंद्रह लाख हर खाते मे आएगा
मिलेगा हर साल रोज़गार युवाओ को
हम खुशी से झूम रहे थे
नाच रहे थे गा रहे थे
हर-हर मोदी घर-घर मोदी
हर खाते का पैसा गूल
हर खाते का पैसा गूल
ले गया नीरव मोदी
हम करते रह गए
हर-हर मोदी घर-घर मोदी
वह सीना ताने कहता था
हमें प्रधानमंत्री नहीं चौकिदार बनाइए
हम पाकिस्तान का एक नहीं दस सर काटेंगे
56 इंच का सीना दिखाता
क्या उलटफेर खूब दिखाया
पाक मे जा के केक खाया
हम कहते रह गए
हर-हर मोदी घर-घर मोदी
वो बोलता रहा अर्थशास्त्र का किसी को ज्ञान नहीं
GST हमारे किसी काम नहीं
आधार कार्ड का कहीं नाम नहीं
बनते ही प्रधानमंत्री GST गुरु बन गया
आधार को हर खाते से जोड़ना
अनिवार्य बन गया
कहता था हर पैसे का हिसाब दूँगा
राफेल का हिसाब गूल हो गया
अब देश का हर बच्चा बोले
नहीं चाहिए हर-हर मोदी घर-घर मोदी
आया गरीबों का मसीहा बनके
चाय वाला बनेगा प्रधानमंत्री तो
हर गरीब कि तकदीर बदलेगी
हां ऐसी तकदीर बदली कि
MBA और Ph.D वाले को भी
चाय वाला और पकौड़े वाला बना दिया
अब टूट रहा है भ्रम हमारा
छूट रहे हाथों से सपने
आँखे खुली है दिल मे गुस्सा
नहीं चाहिए हर-हर मोदी घर-घर मोदी
बहूत खूब। मोदी कि पोल खोल दी आपने।
ReplyDeleteमोदी का झूठा चेहरा दिखाने के लिए आपका बहूत-बहूत धन्यवाद।
मोदी की झुठ फरेब को बड़ी ही सादगी से कविता के माध्यम से लेखिका ने आम जनमानस के सामने रखा। ये कविता आज के राजनीति समझदारी का सूचक है।
ReplyDeleteNice line good poem
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