No Definition of love

                       प्यार कि कोई परिभाषा नही 
         एक राजा रहता है|वह अपने मंत्री से पुछता है कि प्यार का मतलब क्या होता है? मंत्री-जिसके लिए आप कुछ भी कर जाए, फिर भी वह कम लगे,वही प्यार है|राजा-क्या रानी मुझसे इतना ही प्यार करती है? मंत्री-ये आप मुझसे बेहतर जानते है महाराज! राजा के मन मे विचार आता है क्यों न प्यार कि परीक्षा ली जाए और वह मंत्री से सलाह-मशवरा करता है|मंत्री कहता क्यों न महारानी को गुलर का फूल लाने को कहा जाए? अगर वह यह काम बिना किसी कि सहायता के कर लेतीं है तो वह आपसे  बेहद प्यार करती हैं|राजा को ये बात ज़च जाती है|
          रानी को दरबार में बुलाया जाता है|राजा रानी से -आप हमसे कितना प्यार करती हैं? रानी-जितना संसार मे किसी ने किसी को नहीं किया है| राजा-हर प्रेमिका यही बात कहती है, मै चाहता हुँ आप प्यार कि परीक्षा दिजिए|रानी तैयार हो जाती है-हाँ, क्यों नहीं मैं हर तरह कि परीक्षा देने को तैयार हूँ|राजा गूलर का फूल लाने को लिए रानी को कहता है|रानी तेेयार हो जाती है व उसी समय दरबार से निकल जाती है|
               रानी कुछ दिन बाद वापस दरबार में आती है|राजा खुुश हो जाता है,लेकिन तुरंत ही उसके मन मे एक विचार आता है यह काम तो मेरे आदेश पर कोई भी कर सकता था|रानी राजा से -मैनें आपकी ईच्छा पुरी़ कि क्या मैं परीक्षा में पास हूँ? क्या आपको लगता है मैं आपको बेइंतहा प्यार करती हूँ? राजा-हाँ परीक्षा तो आपने पास कर ली लेकिन मुझेे नही लगता आप हमसे बेइंतहा प्यार करती है!रानी-महाराज!आप यह क्या कह रहे हैं? मैं अपना प्यार आपकी़ नज़रो में साबित कर के रहूंगी|बोलिए मैं कैसे साबित करू? मैं क्या ऐसा करू, जिससे आपको लगे कि मेरे इतना बेइंतहा मोहब्बत आपसे कोई नही कर सकता | राजा-आप प्यार साबित करने  के  लिए किस हद तक जा सकती है? रानी-अपनी आखिरी सांस तक!
              राजा-आप कहना क्या चाहती हैं? क्या आप मेरे लिए जान दे सकती हैं? रानी-यह तो बहुत छोटी बात है महाराज! मै तो इससे भी बढ़कर कुछ भी कर सकती हूँ आपके लिए|राजा-नही! यह मेरे लिए छोटी बात नहीं है|अगर आप मेरे लिए जान दे सकती हैं तो दे दो! रानी-अगर आपके लिए ये छोटी बात नहीं है और मेरे जान देने से मेरा प्यार साबित होता है तो मेरे लिए इससे बढ़कर खुशी और कुछ नहीं|रानी अपना खंजर निकालते हुए अपने सिने में उतार लेती है और धड़ाम से भरी दरबार मे गीर जाती है|
          राजा-चलो इससे ये तो पता चला कि तुम मेरे कहने से जान दे सकती हो, क्या तुम मेरे कहने पर उठोगी? उठो! रानी मरी पड़ी है और राजा उसके पार्थिक शरीर से कहता है-अभी तो बड़ी-बड़ी बातें कर रही थी कि तुम प्यार के लिए कुछ भी कर सकती हो लेकिन तुम मर सकती हो जी कहाँ सकती हो? उठो! उठो और साबित करो कि तुम मुझसे प्यार करती हो| रानी का पार्थिव शरीर वही छोड़कर राजा यह कहते हुए वहाँ से निकल जाता है कि कोई किसी से प्यार नही करता सभी ढोंग करते हैं|जब मर सकते है तो जी क्यों नहीं सकती|
                हर सांस में जिसे याद करती थी|
       वही आखि़री वक्त में बेवफा कहकर छोड़ गया||

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